चुड़ैल का कुआँ – The Witch’s Well

उत्तर प्रदेश के एक गाँव में एक पुराना कुआँ था। उस कुएँ के बारे में कहा जाता था कि वहाँ एक चुड़ैल रहती है। गाँव के लोग उस कुएँ से पानी नहीं लेते थे और रात में तो उस रास्ते से गुजरना भी बंद कर दिया था। कुएँ के चारों ओर बड़े-बड़े पीपल और बरगद के पेड़ थे, जो रात में और भी डरावने लगते थे।

बुजुर्ग बताते थे कि पचास साल पहले गाँव में एक स्त्री रहती थी जिसका नाम मोहिनी था। वह बहुत सुंदर थी, लेकिन उसके साथ एक बड़ा दुर्भाग्य जुड़ा था। उसकी शादी गाँव के एक धनी व्यक्ति से हुई थी, लेकिन शादी के कुछ महीने बाद ही उसके पति की रहस्यमय तरीके से मृत्यु हो गई।

गाँव के लोगों ने मोहिनी पर शक करना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने उस पर डायन होने का आरोप लगाया। उस समय अंधविश्वास बहुत ज्यादा था। गाँव की पंचायत ने मोहिनी को दोषी ठहराया और उसे यातनाएँ दी गईं। अंत में, क्रोधित भीड़ ने उसे उसी कुएँ में धकेल दिया। मोहिनी चीखती रही और बदला लेने की कसम खाती रही, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की।

उसके बाद से ही अजीब घटनाएँ होने लगीं। जो कोई भी रात में उस कुएँ के पास जाता, उसे एक स्त्री की हँसी सुनाई देती। कभी-कभी लोगों को एक सफेद साड़ी पहने हुए स्त्री की परछाई दिखाई देती। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने मोहिनी को कुएँ के पास बैठे देखा, जो अपने लंबे काले बाल संवार रही थी।

गाँव में एक नया परिवार आकर बसा। उनका बेटा राहुल शहर में पढ़ाई करके आया था और वह इन कहानियों को मानने को तैयार नहीं था। एक दिन उसने अपने दोस्तों से शर्त लगाई कि वह रात में उस कुएँ के पास जाएगा।

पूर्णिमा की रात थी जब राहुल अपने दोस्तों के साथ उस कुएँ की ओर गया। चाँदनी रात में कुआँ और भी भयावह लग रहा था। पेड़ों की शाखाएँ हवा में हिल रही थीं और एक अजीब सी आवाज आ रही थी।

राहुल ने कुएँ के पास जाकर चिल्लाकर कहा, “अगर कोई चुड़ैल है तो सामने आओ!” उसके दोस्त डर के मारे दूर खड़े थे। अचानक ठंडी हवा का एक झोंका आया और सब कुछ शांत हो गया। फिर कुएँ से एक आवाज आई, “तुमने मुझे बुलाया है, अब भुगतो परिणाम।”

राहुल के दोस्त भागने लगे, लेकिन राहुल वहीं खड़ा रह गया। उसने देखा कि कुएँ से एक सफेद आकृति निकल रही है। वह मोहिनी थी, लेकिन अब उसका चेहरा विकृत हो चुका था। उसकी आँखें गुस्से से जल रही थीं।

मोहिनी ने राहुल से कहा, “तुम लोगों ने मुझे बिना किसी गुनाह के मार डाला। मैं निर्दोष थी, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। अब मैं हर उस व्यक्ति से बदला लूँगी जो मेरे पास आएगा।”

राहुल घबरा गया था, लेकिन उसने हिम्मत करके पूछा, “अगर तुम निर्दोष थी तो तुम लोगों को डराती क्यों हो? इससे तो तुम्हारे बारे में जो धारणा है वही सच साबित होती है।”

मोहिनी के चेहरे पर दुख के भाव आए। उसने कहा, “मैं सिर्फ चाहती हूँ कि सच सामने आए। मेरी मृत्यु के लिए कौन जिम्मेदार था, यह सब को पता चले।”

राहुल ने मोहिनी से वादा किया कि वह सच्चाई का पता लगाएगा। उसने गाँव के पुराने रिकॉर्ड्स खंगाले और पुराने लोगों से बात की। आखिरकार उसे पता चला कि मोहिनी के पति की मौत एक बीमारी से हुई थी, न कि किसी जादू-टोने से।

राहुल ने गाँव वालों को सच बताया और मोहिनी के सम्मान में उस कुएँ के पास एक स्मारक बनवाया। उसने उस कुएँ पर एक पूजा का आयोजन किया और मोहिनी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

उस दिन के बाद मोहिनी की आत्मा को शांति मिल गई। कुएँ के पास अब कोई अजीब घटना नहीं होती। गाँव वालों ने अपनी गलती को स्वीकार किया और तय किया कि वे कभी भी बिना सबूत के किसी पर आरोप नहीं लगाएँगे। राहुल की बहादुरी और न्याय के प्रति समर्पण की कहानी आज भी प्रेरणा देती है।

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